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इस्लामिक कोचिंग सेंटर हाजीपुर के तत्वावधान में सीरतुन्नबी ﷺ सम्मेलन आयोजित
छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन
हाजीपुर, (मुहम्मद आसिफ अता)। शहर के नूनगोला पश्चिमी मोहल्ले में युवा समिति के तत्वावधान में 12 रबीउल अव्वल 1448 के अवसर पर सीरतुन्नबी ﷺ सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत इस्लामिक कोचिंग सेंटर नूनगोला के शिक्षक हाफिज मोहम्मद शौकत हुसैन की तिलावत-ए-कुरआन और हाफिज फैजान अहमद की नात-ए-पाक से हुई। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर इस्लामिक कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उपस्थित लोगों से खूब सराहना प्राप्त की। इनमें मोहम्मद अल्तमश, मोहम्मद दानिश कलाम, मोहम्मद अंसार, मोहम्मद चांद, मोहम्मद शरीम, मोहम्मद नूरेज, मोहम्मद तहरीर, मोहम्मद समद, मोहम्मद साद, मोहम्मद हारिस, सालेहा कलाम, सना परवीन, निखत परवीन, सारा हसन, फैजा नसीम, रौनक परवीन, कहकशां परवीन, साहिबा परवीन, मेमून निशां, जोया परवीन और सनाया परवीन शामिल रहे। सभी बच्चों को युवा समिति की ओर से सम्मानित किया गया।
ऐतिहासिक संगी जामा मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना शौकत कासमी ने अपने संबोधन में पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ की पवित्र जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरआन की तिलावत समझ, विचार और चिंतन के साथ करनी चाहिए। इससे आत्मशुद्धि और ईमानी ताकत में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि इस्लाम का संदेश हिकमत और बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाना चाहिए। चौधरी मुबारक अली के इमाम व खतीब मौलाना गुलरेज रजा बरकाती ने कहा कि पैगंबर हजरत मुहम्मद ﷺ से सच्ची मोहब्बत ईमान का हिस्सा है। उन्होंने अधिकारों और इंसाफ के संबंध में कहा कि हमें पैगंबर ﷺ की सीरत पर अमल करते हुए अपने जीवन को नेक और صالح बनाने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर मौलाना शमशाद जामई, हाफिज कमालुद्दीन, हाफिज वारिस रजा बरकाती और हाफिज मासूम ने नात-ए-पाक पेश की। कार्यक्रम की अध्यक्षता/संचालन इस्लामिक कोचिंग सेंटर के शिक्षक हाफिज फैजान अहमद ने किया। कार्यक्रम में मोहल्ले के बुजुर्ग एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित वार्ड संख्या 19 के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद तौहीद आलम और युवा समिति के सक्रिय सदस्यों ने सहयोग किया। कार्यक्रम का समापन मौलाना गुलरेज रजा बरकाती की दुआ और हाफिज फैजान अहमद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

