चकमेहसी मे सादगी और सुन्नत के मुताबिक संपन्न हुआ निकाह, उलेमा ने दिए इस्लामी जीवन के महत्वपूर्ण संदेश
समस्तीपुर, जिला संवाददाता : मोहम्मद जुबैर
समस्तीपुर जिला कल्याणपुर प्रखण्ड चकमेहसी पंचायेत वार्ड संख्या-3 में शनिवार को एक सादगीपूर्ण एवं धार्मिक वातावरण में निकाह की मजलिस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बाराती, रिश्तेदार एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
निकाह मशीरा खातून, पुत्री मोहम्मद शमीम, के साथ मोहम्मद तबरेज, पुत्र मोहम्मद वकील, ग्राम केशोर, प्रखंड वारिसनगर, जिला समस्तीपुर के बीच संपन्न हुआ।
निकाह की रस्म अदा कराने के लिए पटना से पधारे हजरत अल्लामा मौलाना सैयद अहमद रजा साहब ने निकाह पढ़ाया। निकाह से पूर्व उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि निकाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारियों का पवित्र बंधन है। उन्होंने इस्लाम में महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों तथा वैवाहिक जीवन में आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत हज़रत हाफिज व कारी मौलाना मोहम्मद जुबैर कादरी द्वारा पवित्र कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई। इसके बाद हजरत अल्लामा मौलाना सैयद अहमद रजा साहब ने निकाह की रस्म अदा कराई और नवविवाहित जोड़े के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दुआ की।
इस अवसर पर पटोरी अनुमंडल सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने दूल्हा-दुल्हन को मुबारकबाद पेश की। दुआ देने वालों में मोहम्मद फूल, मोहम्मद पान बाबू, मोहम्मद रब्बानी (पटना), मोहम्मद मुबारक, बशीर, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद अफसर तथा अब्दुल कयूम (मुंबई) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
निकाह समारोह की सबसे खास बात यह रही कि यह कार्यक्रम बिना किसी तड़क-भड़क, गाने-बाजे और फिजूलखर्ची के पूरी सादगी एवं इस्लामी परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सादगीपूर्ण निकाहों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
अंत में नवविवाहित जोड़े की खुशहाल जिंदगी, आपसी मोहब्बत, बरकत और सलामती के लिए सामूहिक दुआ की गई।


