सहयोग शिविर में उठी चकमेसी पंचायत की जनसमस्याएं, घुमंतू बंजारा समुदाय के पुनर्वास और अधिकारों की मांग भी गूंजी
चकमेसी (समस्तीपुर)। जिला संवाददाता मोहम्मद जुबेर 16/06/2026 मंगलवार
कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकमेसी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इस अवसर पर पूर्व मुखिया द्वारा पूर्व में प्रखंड प्रशासन को सौंपे गए विस्तृत आवेदन की भी चर्चा हुई, जिसमें पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की गई थी।
पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने सोलर लाइट, नल-जल योजना, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय प्रोत्साहन राशि, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान सहित अनेक समस्याओं से अवगत कराया था। इन्हीं जनसमस्याओं को संकलित कर प्रखंड प्रशासन को आवेदन सौंपा गया था, जिसकी प्राप्ति संबंधित अधिकारियों द्वारा कर ली गई थी और उसे सहयोग शिविर में विचारार्थ प्रस्तुत किया गया।
आवेदन में चकमेसी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी, भवन की जर्जर अवस्था तथा दवाओं के अभाव के कारण मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके अलावा पंचायत के कई वार्डों में सोलर लाइट खराब पड़ी हैं तथा नल-जल योजना का संचालन भी संतोषजनक नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका आरोप है कि कई पात्र गरीब परिवारों के नाम लाभुक सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कई लाभार्थियों को अब तक आवास, मनरेगा एवं शौचालय योजना की राशि का भुगतान नहीं मिला है। पूर्व मुखिया ने यह भी मांग की कि पूर्व में जनहित के मुद्दों पर दिए गए आवेदनों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि आम लोगों को प्रशासनिक प्रक्रिया की पारदर्शिता का पता चल सके।
इसी दौरान सहयोग शिविर में घुमंतू बंजारा समुदाय की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। बंजारा समाज के प्रतिनिधि खुर्शीद ने प्रशासन एवं मंत्री के समक्ष आवेदन देकर कहा कि आज भी घुमंतू बंजारा समुदाय के अनेक परिवार भूमि के अभाव में स्थायी आवास से वंचित हैं। वे विभिन्न स्थानों पर अस्थायी झोपड़ियां और सिरकी तानकर जीवन-यापन करने को मजबूर हैं। समुदाय के लोगों को शिक्षा, आवास, सरकारी योजनाओं तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आवेदन में मांग की गई कि भूमिहीन घुमंतू बंजारा परिवारों के पुनर्वास, बच्चों की शिक्षा, आवासीय सुविधा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सरकारी लाभों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की जाए। बंजारा समुदाय के लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी समाज का यह वर्ग मूलभूत सुविधाओं और स्थायी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
सहयोग शिविर में उपस्थित बिहार सरकार के मंत्री ने बंजारा समुदाय सहित सभी जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए आश्वासन दिया कि पात्र लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सहयोग शिविर में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन और सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी, जिससे चकमेसी पंचायत के साथ-साथ घुमंतू एवं भूमिहीन बंजारा समुदाय के लोगों को भी न्याय और विकास का लाभ मिल सके।

