पटना वीमेंस कॉलेज में जिगर मुरादाबादी की याद में साहित्यिक संगोष्ठी आयोजित
उर्दू विभाग की छात्राओं ने जिगर की शायरी, व्यक्तित्व और रचनात्मक शैली पर प्रस्तुत किए शोधपरक आलेख
पटना। पटना वीमेंस कॉलेज के उर्दू विभाग में महान शायर जिगर मुरादाबादी की याद में विशेष मासिक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उर्दू विभाग की अध्यक्ष डॉ. रियाज अहमद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिगर ने कठिन भावों और विचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर उर्दू गजल को आमफहम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छात्रा खंस़ा ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभाग की छात्रा खंस़ा ने प्रभावी ढंग से किया। कार्यक्रम की शुरुआत खंस़ा द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद तूबा सरवर ने नात-ए-रसूल ﷺ पेश कर माहौल को आध्यात्मिक रंग दिया।
छात्राओं ने जिगर की शायरी पर रखे विचार
इसके बाद उर्दू विभाग की छात्राओं इरम, हिबा, तहज़ीब, खुशी परवीन, साइमा, सबा, निहां, तसनीम और खुशबू ने जिगर मुरादाबादी के व्यक्तित्व, उनकी शायरी की शैली और प्रसिद्ध गजलों पर शोधपरक आलेख प्रस्तुत किए। छात्राओं ने जिगर के चयनित अशआर भी पेश किए।
जिगर की शायरी में प्रेम और सामाजिक गहराई का समन्वय
कार्यक्रम में उर्दू विभाग की शिक्षिका डॉ. ताहिरा अंजुम ने जिगर मुरादाबादी के जीवन और साहित्यिक सफर पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिगर की गजल में प्रेम की सच्चाई के साथ उनकी जिंदगी की रंगीनियों और सामाजिक गहराई का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने छात्राओं की मेहनत और प्रस्तुति की सराहना की।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन छात्रा खंस़ा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। संगोष्ठी के दौरान छात्राओं और शिक्षिकाओं ने जिगर मुरादाबादी के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उर्दू गजल के क्षेत्र में उनके महत्व पर चर्चा की।

