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सबसे वंचितों के हक की बात करना आरक्षण का विरोध कैसे?
SC-ST आरक्षण में वर्गीकरण और कोटे में कोटा की मांग को आरक्षण विरोध बताना उचित नहीं है। मुसहर, भुइयाँ, डोम, हलखोर और नट जैसे कई समुदाय आज भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से बेहद पिछड़े हैं और उन्हें अपने ही आरक्षित वर्ग के भीतर भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
मुद्दा आरक्षण खत्म करने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि आरक्षण का लाभ समाज के सबसे वंचित तबके तक भी पहुंचे। वर्गीकरण और कोटे में कोटा इसी उद्देश्य से जुड़ी बहस है। सामाजिक न्याय का अर्थ केवल आरक्षण व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि उन समुदायों को आगे लाना भी है जो लंबे समय से पीछे छूटे हुए हैं।
इसलिए सबसे वंचित समुदायों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर उन्हें उनका उचित हिस्सा और सम्मान दिलाने पर संवेदनशीलता से विचार किया जाना चाहिए।
