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समस्तीपुर के चकमेसी गांव में सैकड़ों उपभोक्ता गैस से वंचित, लकड़ी के चूल्हे पर लौटे लोग
स्थान:
समस्तीपुर / कल्याणपुर मोहम्मद ज़ुबैर 29/4/2026

सरकार द्वारा चलाई जा रही उज्ज्वला योजना का लाभ जहां एक ओर गरीबों तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, वहीं समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकमेसी पंचायत में इसकी जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। यहां सैकड़ों लाभार्थी गैस सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, उनकी गैस एजेंसी मुजफ्फरपुर जिले में स्थित है, जी एम एच पी एजेंसी लगभग 70 किलोमीटर दूर है। इतनी लंबी दूरी तय करना गरीब परिवारों के लिए आर्थिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन है।
चकमेसी गांव की निवासी अफरोजा खातून, जो शारीरिक रूप से विकलांग हैं, बताती हैं कि उज्ज्वला योजना के तहत उनका गैस कनेक्शन तो बना दिया गया, लेकिन सिलेंडर प्राप्त करना उनके लिए असंभव हो गया है।
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उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग करने और OTP मिलने के बावजूद एजेंसी द्वारा सिलेंडर नहीं दिया जाता। कभी OTP गलत बताया जाता है, तो कभी KYC अधूरा होने का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं को लौटा दिया जाता है।
दूसरों को दे दी जाती है गैस
कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम पर जारी गैस सिलेंडर किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया जाता है, जिससे वे स्वयं वंचित रह जाते हैं।
एजेंसी पर मनमानी का आरोप
जब इस संबंध में एजेंसी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी का रवैया बेहद असहयोगात्मक और दबंग है।
लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर
गैस नहीं मिलने के कारण ग्रामीण अब फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशासन से गुहार
ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही, वे जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
निष्कर्ष:
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है और कब तक इन गरीबों को राहत मिलती है।
