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75 दिनों तक चलेगा एनीमिया मुक्त अभियान, 4.17 लाख लोगों की होगी जांच
25 अगस्त से 30 नवंबर तक 16 प्रखंडों की 278 पंचायतों में चलेगा अभियान, स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और आईसीडीएस विभाग भी होंगे शामिल
वैशाली, अब्दुल वाहिद।
जिले में एनीमिया यानी खून की कमी के खिलाफ 75 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। 25 अगस्त से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान जिले के 16 प्रखंडों की 278 पंचायतों में करीब 4 लाख 17 हजार लोगों की एनीमिया जांच कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को लेकर शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय में स्वास्थ्य, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग की संयुक्त बैठक हुई। सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की रणनीति तैयार की गई।
7×7×7 रणनीति के तहत होगी पहचान: एनीमिया मुक्त भारत-2.0 के तहत 7×7×7 रणनीति अपनाई जाएगी। इसमें सात लक्षित समूहों, सात प्रमुख गतिविधियों और सात संस्थागत व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ा गया है। लक्षित समूहों में कम वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चे, 6 से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 वर्ष के बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियां, 20 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु वाली महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं शामिल हैं।
अभियान के दौरान एनीमिया की जांच के साथ आयरन-फोलिक एसिड की खुराक, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के उपयोग, बच्चों, किशोरों और गर्भवती महिलाओं में कृमि संक्रमण से बचाव तथा खान-पान की आदतों में बदलाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। एनीमिया की पहचान होने पर चिकित्सकीय उपचार, फॉलोअप और पोषण संबंधी सलाह भी दी जाएगी। साथ ही कुपोषण के अलावा अन्य कारणों से होने वाले एनीमिया की रोकथाम पर भी जोर रहेगा।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर: अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा और आईसीडीएस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्कूलों के माध्यम से किशोर-किशोरियों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक सेवाएं पहुंचाने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग जांच, उपचार और फॉलोअप की व्यवस्था करेगा। 7×7×7 की संस्थागत व्यवस्था में स्वास्थ्य कार्यक्रमों का समन्वय, अन्य विभागों के साथ सहयोग, एनीमिया पर केंद्रीय स्तर पर निगरानी, एनीमिया मुक्त भारत पोर्टल, एनीमिया मुक्त भारत यूनिट, टी-4 के माध्यम से डिजिटल निगरानी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट को शामिल किया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद ने कहा कि एनीमिया कम करने के लिए केवल जांच पर्याप्त नहीं है। जांच में एनीमिया की पहचान होने के बाद संबंधित व्यक्ति को उपचार और नियमित फॉलोअप से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि अभियान का लाभ पंचायत स्तर तक पहुंच सके। डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश ने कहा कि 75 दिवसीय अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थान अभियान के प्रमुख केंद्र होंगे। बैठक में डीसीएम निभा रानी सिन्हा, आरबीएसके नोडल डॉ. शाइस्ता, यूएनडीपी के रणधीर कुमार सहित स्वास्थ्य, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
