चकमेहसी में अमन, भाईचारे और अकीदत के साथ संपन्न हुआ मोहर्रम, प्रशासन की मुस्तैदी की लोगों ने की जमकर सराहना मुखिया की खैर मौजूदगी भी बनी चर्चा का विषय
जिला संवादाता मोहम्मद जुबेर 27/06/2026
समस्तीपुर। कल्याणपुर प्रखंड के चकमेहसी थाना क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व इस वर्ष पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के माहौल में सकुशल संपन्न हो गया। चकमेहसी पंचायत सहित आसपास के गांवों में निकले ताजिया जुलूस एवं अखाड़ों में युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन की याद में जुलूस में भाग लिया तथा उनकी कुर्बानी को याद किया।
इस दौरान कई स्थानों पर शरबत और पानी की सबील लगाई गई, जहां राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को पानी एवं शरबत पिलाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को प्यासा शहीद किया गया था। उनकी याद में हर वर्ष मोहर्रम के अवसर पर सबील लगाकर इंसानियत, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया जाता है।
मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी देवेंद्र कुमार, चकमेहसी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार साहनी अपार थाना अध्यक्ष शब्बीर अहमद खान तथा पुलिस प्रशासन पूरे समय मुस्तैद रहा। जुलूस मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
यह चकमेहसी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार साहनी का क्षेत्र में पहला मोहर्रम था। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखी, जिससे मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मोहर्रम के सफल आयोजन पर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार साहनी ने कहा, “यह सफलता चकमेहसी की जनता, अखाड़ा समितियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। सभी लोगों ने भाईचारे और कानून का सम्मान करते हुए पर्व मनाया, जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं।”
युवा नेता जकी अहमद आरजू ने कहा, “मोहर्रम हमें हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसाफ और इंसानियत का संदेश देता है। चकमेहसी की जनता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी भाईचारे से हर पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सकता है।”
पंचायत समिति पति नजरुल इस्लाम ने कहा, “पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और आम लोगों के सहयोग से इस बार मोहर्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इसके लिए सभी अखाड़ा समितियां, प्रशासन और क्षेत्र की जनता बधाई की पात्र है।”
समाजसेवी रामबाबू महतो ने कहा, “चकमेहसी हमेशा गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है। इस बार भी सभी समुदायों ने मिलकर भाईचारे का परिचय दिया और प्रशासन का भरपूर सहयोग किया। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
मोहर्रम के अवसर पर पंचायत समिति पति नजरुल इस्लाम, युवा नेता जकी अहमद आरजू, रामबाबू महतो, सरपंच नवल त्रिवेदी, पूर्व मुखिया मोहम्मद सागर, बाबू मोहम्मद, डॉ. जैनुल, मोहम्मद शकील सहित कई समाजसेवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वहीं, स्थानीय लोगों के बीच पंचायत के मुखिया बृजेश राय की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। कई लोगों का कहना था कि उन्हें मुखिया की उपस्थिति की उम्मीद थी, लेकिन वे कार्यक्रम में नजर नहीं आए। हालांकि इस संबंध में मुखिया बृजेश राय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मोहर्रम का वास्तविक संदेश हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसानियत, सब्र, न्याय और आपसी भाईचारे को याद करना है। लोगों ने अपील की कि भविष्य में भी सभी धार्मिक पर्व इसी तरह प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता के साथ मनाए जाएं।



