नौकरी के साथ 6 साल की मेहनत लाई रंग: समस्तीपुर के जफर रेज़ा को IIT में रिसर्च और लॉ की पढ़ाई का मिला अवसर
समस्तीपुर | हर घर की आवाज़ | जिला संवाददाता: मोहम्मद जुबैर
बिहार के समस्तीपुर जिले के आधारपुर निवासी एवं प्रख्यात शिक्षक फिरोज अहमद के पुत्र जफर रेज़ा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। नौकरी के साथ लगातार छह वर्षों तक कठिन परिश्रम करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की Intellectual Research and Law प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की है। इस सफलता के साथ उन्हें देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में Intellectual Property Rights (IPR) से जुड़े शोध कार्य का अवसर मिला है। इसके साथ ही वे कानून (Law) की पढ़ाई भी करेंगे।
जफर रेज़ा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि इंजीनियरिंग की रही है। बी.टेक. की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की, लेकिन अपने शैक्षणिक लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत के दम पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
IIT में वे इंजीनियरिंग और Intellectual Property Rights (IPR) के क्षेत्र में उन्नत शोध करेंगे। साथ ही कानून की शिक्षा भी प्राप्त करेंगे। विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा, पर्यावरण और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े क्षेत्रों में विशेषज्ञों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इंजीनियरिंग, रिसर्च और लॉ का यह संयोजन उन्हें भविष्य में एक विशिष्ट विशेषज्ञ के रूप में स्थापित करेगा।
जफर रेज़ा का शैक्षणिक और शिक्षण क्षेत्र में पहले से ही उत्कृष्ट रिकॉर्ड रहा है। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए International Dazzling Educator Award से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उन्हें बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय के हाथों प्राप्त हुआ था। इसके अलावा उन्हें Indian Education Award से भी सम्मानित किया गया है। उन्होंने National Teachers Olympiad में पूरे देश में ऑल इंडिया रैंक-11 (AIR-11) हासिल कर अपनी विषय विशेषज्ञता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय दिया था।
जफर रेज़ा की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के बीच भी अपने सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास मजबूत हो और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो कोई भी चुनौती सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।नौकरी के साथ 6 साल की मेहनत लाई रंग,

