चकमेहसी पंचायत की जनसमस्याओं को लेकर पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन ने सहयोग शिविर में सौंपा आवेदन, त्वरित समाधान की मांग
संवाददाता : मोहम्मद जुबैर
चकमेहसी/कल्याणपुर, समस्तीपुर
कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकमेहसी पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन ने प्रखंड प्रशासन को एक विस्तृत आवेदन सौंपते हुए जनहित से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग की है। उक्त आवेदन की प्राप्ति संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा कर ली गई है, जिसे आगामी 16 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर में प्रस्तुत किया जाएगा।
पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों द्वारा सोलर लाइट, नल-जल योजना, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय प्रोत्साहन राशि, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान सहित अनेक समस्याओं की शिकायतें की गईं। इन्हीं समस्याओं को लेकर आवेदन प्रशासन को सौंपा गया है।
उन्होंने कहा कि चकमेसी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने, भवन के जर्जर होने तथा दवाओं की कमी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पंचायत के कई वार्डों में सोलर लाइटें खराब हैं और नल-जल योजना भी प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी आवेदन में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र गरीब परिवारों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा कई लाभुकों को आवास, मनरेगा तथा शौचालय योजना की राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
खुशबू आफरीन ने बताया कि इससे पूर्व भी पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को आवेदन दिया गया था, लेकिन उन आवेदनों का निष्पादन कब और किस स्तर पर किया गया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन से पूर्व में दिए गए आवेदनों पर हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
पूर्व मुखिया ने कहा कि अब पंचायत की जनता की निगाहें 16 जून को आयोजित सहयोग शिविर पर टिकी हुई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिविर में प्रस्तुत आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभाग समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे तथा पंचायतवासियों को यह भी अवगत कराया जाएगा कि उनकी शिकायतों के निष्पादन हेतु क्या कार्रवाई की गई है और कब तक समस्याओं का समाधान संभव होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सहयोग शिविर में इन समस्याओं के समाधान को लेकर स्पष्ट जवाब और कार्ययोजना सामने आती है तो इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
