April 14, 2026
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भाजपा किसान मोर्चा के नेता ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग
कल्याणपुर (समस्तीपुर), संवाददाता: मोहम्मद ज़ुबैर
समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा, तेज आँधी, तूफान एवं ओलावृष्टि के कारण किसानों की रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसको लेकर किसानों में चिंता और निराशा का माहौल बना हुआ है। इसी समस्या को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के नेता एवं जिला प्रवक्ता अंकित कुमार त्रिवेदी ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर प्रखंड के चकमहसी पंचायत निवासी अंकित कुमार त्रिवेदी ने अपने लेटर पैड पर आवेदन देकर बताया कि हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के कारण प्रखंड क्षेत्र के किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में खड़ी मक्का, गेहूं, अरहर, मूंग सहित कई अन्य रबी फसलें तेज बारिश और तूफान के कारण बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही महंगे बीज, खाद और खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं। ऐसे में फसल के नुकसान ने उनकी स्थिति और भी कठिन बना दी है। कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब उन्हें अपनी आजीविका को लेकर चिंता सता रही है।
अंकित कुमार त्रिवेदी ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार से मांग की कि प्रभावित गांवों और खेतों का जल्द से जल्द सर्वेक्षण कराया जाए और सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि नियमों के तहत किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते किसानों को राहत नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल पहल करते हुए किसानों को राहत दिलाने की दिशा में कदम उठाए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि कल्याणपुर प्रखंड के कई गांवों में फसल को भारी नुकसान हुआ है और किसान प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द जांच कराकर प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जाए और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय किसानों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर मुआवजा मिल जाए तो वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि किसानों की समस्या का समाधान कब तक किया जाता है और उन्हें राहत कब तक मिलती है।

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