April 14, 2026
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पटना, 16 मार्च 2026।
ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना में पंचायती राज प्रणाली को सुदृढ़ बनाने तथा जमीनी स्तर पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार (आई.ए.एस), सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएँ ग्रामीण विकास और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग वे स्थानीय स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन को सुदृढ़ करने में करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एन. विजयलक्ष्मी (आई.ए.एस) , निदेशक, ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इससे प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर श्री नवीन कुमार सिंह (आई.ए.एस), निदेशक, पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार भी उपस्थित रहे। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन तथा स्थानीय शासन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

संस्थान के पंजीयक श्री सुधीर कुमार (BAS) ने अपने संबोधन में कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर डॉ. प्रीति सिंह, उप-पंजीयक, ललित नारायण मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन से जुड़े अधिकारियों के लिए निरंतर प्रशिक्षण और ज्ञानवर्धन अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकें।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण विकास योजनाओं तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े अधिकारी, विशेषज्ञ एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया और विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। यह आयोजन संस्थान द्वारा सुशासन, नीति अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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