समस्तीपुर में मखाना उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को आधुनिक खेती और प्रसंस्करण का दिया गया प्रशिक्षण
समस्तीपुर | हर घर की आवाज़ | जिला संवाददाता: मोहम्मद जुबैर
समस्तीपुर जिले के सिंघिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, लादा में गुरुवार को “मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर विपणन की जानकारी देकर उनकी आय में वृद्धि करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार मखाना उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है और समस्तीपुर में भी इसकी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि मखाना उत्पादन और उसका प्रसंस्करण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलना भी जरूरी है। इसके लिए कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहयोग और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराते रहेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, तालाब प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज चयन, रोग एवं कीट नियंत्रण, कटाई, भंडारण, प्रसंस्करण और आधुनिक विपणन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मखाना उत्पादक किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए तथा उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मखाना आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र लादा के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान और मखाना उत्पादक किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों से वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया गया।

