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उर्स-ए-ताजुश्शरिया की गरिमामयी महफिल, अल्जामेअतुल गौसिया तजवीदुल कुरान में इल्म और इश्क-ए-रसूल की रौशनी बिखरी ✨
मोहम्मद जुबैर ,25/04/2026
सीतामढ़ी जिला के वार्ड नंबर 20, स्थित मदरसा जामिया अल-गौसिया तजवीदुल कुरआन में महान रूहानी शख्सियत हज़रत ताजुश्शरिया अख्तर रजा के उर्स के मौके पर एक शानदार और गरिमामयी महफिल का आयोजन किया गया। इस मुबारक प्रोग्राम में दर्जनों उलमा-ए-किराम, हाफ़िज़ व क़ारी और दीन से जुड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिससे पूरा इलाका रूहानियत और इल्म की रौशनी से जगमगा उठा।
महफिल की शुरुआत हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी मौलाना ज़ुबैर क़ादरी नक्शबंदी की खूबसूरत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसने मौजूद लोगों के दिलों को रौशन कर दिया। इसके बाद नात व मनक़बत का सिलसिला जारी रहा और हज़रत ताजुश्शरिया की बारगाह में अकीदत के फूल पेश किए गए।
इस मौके पर हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद अनवारूल हक़ रज़वी साहब ने बेहद असरदार और जोश भरा बयान दिया, जिसमें उन्होंने ताजुश्शरिया की इल्मी, दीनी और इस्लाही खिदमतों पर रोशनी डाली। वहीं मौलाना शराफ़त हुसैन अलीमी ने भी अपने बयान में इश्क-ए-रसूल और अहले सुन्नत के मस्लक की अहमियत को उजागर किया।
प्रोग्राम में मौलाना अख़लाक़ अहमद (दीनी किताब घर), हज़रत मौलाना सद्दाम हुसैन रज़वी, क़ारी अज़हरुद्दीन साहब, मौलाना हामिद रज़ा, मौलाना जाबेरूल क़ादरी,हाफिज कौसर रजा , कारी सज्जाद,मौलाना शहाबुद्दीन समेत कई अन्य प्रतिष्ठित उलमा-ए-किराम ने शिरकत की और अपने कीमती विचार पेश किए।
इस मुबारक महफिल में खास तौर पर मदरसे के नन्हे तलबा का भी ज़िक्र किया गया, जो दूर-दराज़ इलाकों से आकर यहां दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं। उलमा ने इल्म की अहमियत और उसकी रौशनी पर विस्तार से बात की और नई पीढ़ी को दीनी तालीम से जुड़े रहने की नसीहत दी।
आखिर में जामिया -गौसिया तजवीदुल कुरआन के नाज़िम-ए-आला की दुआ के साथ महफिल का समापन हुआ, जिसके बाद सलातो-सलाम पेश किया गया। इस रूहानी इज्तिमा ने मौजूद लोगों के दिलों में ताज़ा ईमान, इश्क-ए-रसूल और इल्म-ए-दीन की शमा रौशन कर दी।

