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रोसड़ा को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 13.81 किमी डबल बाईपास की आधारशिला
पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने कलवाड़ा चौक पर किया शिलान्यास, 85 करोड़ से अधिक की लागत से बनेगा बाईपास
जिला संवाददाता : मोहम्मद जुबैर
समस्तीपुर/रोसड़ा।
रोसड़ा शहर को लंबे समय से चली आ रही भीषण जाम की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में रविवार को बड़ी पहल हुई। बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने कलवाड़ा चौक पर करीब 13.81 किलोमीटर लंबे डबल बाईपास परियोजना की आधारशिला रखी। शिलान्यास के बाद माध्यमिक विद्यालय कलवाड़ा परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया।
डबल बाईपास परियोजना के पूरा होने के बाद रोसड़ा शहर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर और खगड़िया की ओर आने-जाने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे रोसड़ा की मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दो हिस्सों में बनेगा 13.81 किमी लंबा डबल बाईपास
प्रस्तावित डबल बाईपास परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत बूढ़ी गंडक के दोनों तटबंधों पर बनने वाले दक्षिणी बाईपास की लंबाई करीब 8.8 किलोमीटर होगी। यह बेगूसराय जिले के दौलतपुर से शुरू होकर विभूतिपुर के सलखन्नी में एसएच-55 से जुड़ेगा।
वहीं, दूसरे बाईपास की शुरुआत रोसड़ा-हथौड़ी पथ के बालापर चौक से होगी। यह करीब पांच किलोमीटर लंबा होगा और ढरहा के पास एसएच-88 में जाकर मिलेगा।
दोनों बाईपास को मिलाकर परियोजना की कुल लंबाई करीब 13.81 किलोमीटर होगी।
शिवाजीनगर में सड़क चौड़ीकरण की भी आधारशिला
पथ निर्माण मंत्री ने शिवाजीनगर में बल्लीपुर से डुमरा मोहन तक सड़क चौड़ीकरण योजना की भी आधारशिला रखी। सड़क चौड़ीकरण की इस योजना से क्षेत्र में सड़क संपर्क और आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पांच लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
डबल बाईपास के निर्माण से रोसड़ा अनुमंडल और आसपास के क्षेत्रों के पांच लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारी वाहनों के शहर से बाहर निकलने के बाद रोसड़ा की मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव करीब 70 प्रतिशत तक कम होने का दावा किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ कारोबारियों, दुकानदारों और प्रतिदिन आवागमन करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
85 करोड़ से अधिक की लागत से होगा निर्माण
डबल बाईपास परियोजना की अनुमानित लागत 85 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। परियोजना के तहत मजबूत सड़क संरचना के साथ छोटे पुल-पुलियों और नालों का भी निर्माण किया जाएगा।
विभागीय समय-सीमा के अनुसार निर्माण कार्य को अगले 18 से 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जाम से स्थायी राहत की जगी उम्मीद
रोसड़ा शहर में लंबे समय से जाम की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। शहर की मुख्य सड़कों से भारी वाहनों के गुजरने के कारण यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है। खासकर व्यस्त समय में लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
डबल बाईपास परियोजना के शिलान्यास के बाद अब शहरवासियों को इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निर्माण कार्य कब पूरी तरह शुरू होता है और निर्धारित 18 से 24 महीने की समय-सीमा में परियोजना धरातल पर कितनी तेजी से पूरी होती है।
एक नजर में परियोजना
- कुल लंबाई: 13.81 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: 85 करोड़ रुपये से अधिक
- दक्षिणी बाईपास: करीब 8.8 किलोमीटर
- दूसरा बाईपास: करीब 5 किलोमीटर
- लाभ: पांच लाख से अधिक लोगों को राहत की उम्मीद
- निर्माण लक्ष्य: 18 से 24 महीनेमुख्य उद्देश्य: रोसड़ा शहर से भारी वाहनों का दबाव कम करना और जाम से राहत दिलाना
- मुख्य उद्देश्य: रोसड़ा शहर से भारी वाहनों का दबाव कम करना और जाम से राहत दिलाना

