April 14, 2026
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नामांकन में अवैध वसूली का आरोप: चकमेहसी उच्च विद्यालय में हंगामा, बच्चों ने लगाई न्याय की गुहार”

हेडमास्टर पर मनमानी और दबंगई के आरोप, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को भी रोके जाने की बात सामने आई

चकमेहसी


समस्तीपुर | संवाददाता: मोहम्मद जुबैर
समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकमेहसी थाना क्षेत्र के चकमेहसी बाजार स्थित उच्च मध्य विद्यालय (इंटर स्तरीय) में नामांकन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। स्थानीय अभिभावकों एवं छात्रों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में प्रवेश के लिए अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है, जिससे गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।
नामांकन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप”
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि नामांकन के दौरान छात्रों के नाम में हिंदी और अंग्रेजी के अंतर को आधार बनाकर उनसे सुधार कराने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है।
वार्ड संख्या 3 के निवासी हसन मुफ्ती सहित कई छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना पैसे दिए उनका नामांकन नहीं किया जा रहा है।
बच्चों ने जताया विरोध,

जनप्रतिनिधि के दरवाजे पहुंचे
मामला उस समय तूल पकड़ गया जब दर्जनों छात्र-छात्राएं चकमासी पंचायत की पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन के आवास पर पहुंच गए और अपनी समस्या रखी। बच्चों ने रोते हुए बताया कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पैसे देने में असमर्थ हैं।
शिक्षकों पर मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के एक शिक्षक सुनील कुमार एवं हेडमास्टर की मिलीभगत से यह पूरा मामला चल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पारदर्शिता की कमी है और मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है।
हेडमास्टर के बयान से बढ़ा विवाद
जब इस संबंध में विद्यालय के हेडमास्टर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले टालमटोल किया, बाद में कथित रूप से यह कहा कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरी पहुंच ऊपर तक है।”
हेडमास्टर के इस बयान से स्थानीय लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को रोके जाने का आरोप
मामले की जानकारी लेने पहुंचे पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों को भी विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस दौरान अभद्र व्यवहार किए जाने की भी बात सामने आई है, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने किया हस्तक्षेप
पूर्व मुखिया खुशबू आफरीन एवं युवा नेता जकी अहमद आरजू सहित कई स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत करने और विद्यालय प्रशासन से बात करने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पीड़ित छात्रों एवं अभिभावकों ने अब जिला पदाधिकारी (DM) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को लिखित आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। उक्त मामले की जानकारी  अनुमंडल पदाधिकारी समेत  जिला शिक्षा पदाधिकारी को दूरभाष के माध्यम से सारी अनियमित कि जानकारी दी गई
बड़ा सवाल
क्या सरकारी विद्यालयों में शिक्षा अब पैसे पर निर्भर हो गई है?
क्या गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित किया जाएगा?
क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा?  हंगामा, बच्चों ने लगाई न्याय की गुहार”


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