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शिक्षा बचाओ सत्याग्रह के चौथे दिन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का पुतला दहन, KSR कॉलेज बचाने की मांग तेज
छात्रों ने कहा—पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का रूट बदला जाए, कॉलेज की सुरक्षा तक जारी रहेगा भूख हड़ताल और सत्याग्रह
समस्तीपुर, 23 अगस्त 2026। जिला संवाददाता मोहम्मद जुबेर। KSR कॉलेज सरायरंजन को प्रस्तावित पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूट से बचाने की मांग को लेकर एनएसयूआई द्वारा शुरू किया गया ‘शिक्षा बचाओ सत्याग्रह’ और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के चौथे दिन छात्रों और समर्थकों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री सह उजियारपुर सांसद नित्यानंद राय का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रूट बदलने और KSR कॉलेज को हर हाल में सुरक्षित रखने की मांग उठाई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलन का मुख्य मुद्दा कॉलेज को प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के रूट से प्रभावित होने से बचाना है।
पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष राजन कुमार वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि KSR कॉलेज को बचाने की लड़ाई केवल एक शिक्षण संस्थान को बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य, उनके शिक्षा के अधिकार और क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों को सुरक्षित रखने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यदि विकास परियोजनाओं के नाम पर शिक्षण संस्थानों को प्रभावित किया जाता है तो इसका सीधा असर गरीब, मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। एनएसयूआई किसी भी कीमत पर कॉलेज को उजड़ने नहीं देगा और छात्रों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
आंदोलन के समर्थन में पहुंचे एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव चुन्नू सिंह ने कहा कि KSR कॉलेज को बचाने की मांग को केवल स्थानीय मुद्दा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा संस्थानों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। आज का पढ़ा-लिखा युवा अपने अधिकार, शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहा है। ऐसे समय में यदि शिक्षण संस्थानों को ही कमजोर किया जाएगा तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस छात्रों के इस संघर्ष में मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और KSR कॉलेज को बचाने की मांग पूरी होने तक आंदोलन को समर्थन देती रहेगी।
जिला कांग्रेस कमिटी समस्तीपुर के पूर्व अध्यक्ष मो. अबु तमीम ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि KSR कॉलेज को बचाने की लड़ाई किसी एक संगठन या राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की योजनाओं की कीमत शिक्षा संस्थानों को उजाड़कर नहीं चुकाई जानी चाहिए। यदि किसी परियोजना के कारण वर्षों से संचालित शिक्षण संस्थान प्रभावित होता है तो सरकार को वैकल्पिक रास्ते पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की हर लोकतांत्रिक और जायज लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और KSR कॉलेज को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व महासचिव राम कलेवर प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। जिस समाज में शिक्षण संस्थान मजबूत होते हैं, वहां युवाओं के लिए आगे बढ़ने के अवसर भी मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि KSR कॉलेज पर मंडरा रहा संकट केवल कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आसपास के हजारों विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ सकता है। सरकार को विकास के नाम पर शिक्षण संस्थानों को प्रभावित करने के बजाय ऐसे विकल्प तलाशने चाहिए, जिससे सड़क निर्माण भी हो और शिक्षा संस्थान भी सुरक्षित रहें। उन्होंने छात्रों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी KSR कॉलेज को बचाने की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि KSR कॉलेज क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए लंबे समय से शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी भी यहां शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में कॉलेज के अस्तित्व और भविष्य को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। छात्रों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित योजना की समीक्षा करते हुए ऐसा रूट निर्धारित किया जाए, जिससे KSR कॉलेज की जमीन, भवन और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
एनएसयूआई ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और ‘शिक्षा बचाओ सत्याग्रह’ जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से लगातार उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। चौथे दिन पुतला दहन के दौरान छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर KSR कॉलेज को बचाने और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का रूट बदलने की मांग दोहराई।
मौके पर जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व महासचिव मुकेश कुमार चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंजनी कुमार मिश्र, एससी विभाग के जिला अध्यक्ष भुवनेश्वर राम, कामगार कर्मचारी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, डॉ. एनके आनंद, हिमांशु कुमार, विवेक विराट, ललन कुमार यादव, गुंजन चौधरी, शहरी जिला उपाध्यक्ष सनातन कुमार बाला, प्रखंड अध्यक्ष आशुतोष कुमार, अब्दुल मालिक, उदय केतु चौधरी, शिवराम ठाकुर, विकास कुमार, संजय चौधरी, आइसा के जिला अध्यक्ष लोकेश राज, उपाध्यक्ष दीपक यदुवंशी, एसएफआई के जिला अध्यक्ष चंदन कुमार, अमन कुमार, शहरी महासचिव अखलाकुर रहमान सिद्दीकी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। आंदोलन के चौथे दिन पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर कहा कि KSR कॉलेज की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।


