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रमज़ान के मुबारक महीने में जुमे की नमाज़ अदा, जामा मस्जिद समस्तीपुर में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
संवाददाता: मोहम्मद ज़ुबैर |
समस्तीपुर के गोला रोड स्थित जामा मस्जिद में रमज़ान के पवित्र महीने के जुमे के अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज़ अदा की। इस दौरान मस्जिद परिसर नमाज़ियों से खचाखच भरा रहा और लोगों ने अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी।
मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए हजरत अल्लामा मौलाना हाफिज व कारी बिलाल अहमद साहब ने रमज़ान के महीने की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमज़ान वह मुबारक महीना है जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों पर रहमतों और बरकतों की बारिश फरमाता है। इस महीने में एक नेक काम का सवाब सत्तर गुना तक बढ़ा दिया जाता है। नफिल इबादत का सवाब फर्ज के बराबर और एक फर्ज अदा करने पर सत्तर फर्ज के बराबर सवाब मिलता है।
उन्होंने बताया कि रमज़ान के महीने में एक ऐसी मुबारक रात भी आती है जिसे लैलतुल क़द्र कहा जाता है। इस रात में की गई इबादत का सवाब हजार महीनों से भी ज्यादा बताया गया है। अगर कोई बंदा इस रात में दो रकात नमाज़ अदा करता है तो उसे लगभग 83 साल से अधिक इबादत का सवाब मिलता है।
मौलाना ने यह भी कहा कि इस साल रमज़ान के महीने में पांच जुमे होने की संभावना है, इसलिए आज के जुमे को आखिरी जुमे यानी जुमातुल विदा नहीं कहा जा सकता। आने वाले जुमे को भी जुमातुल विदा कहा जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि रमज़ान के इस मुबारक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, जकात, फितरा और जरूरतमंदों की मदद कर अपने नेकियों में इजाफा करें। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने इबादत में हिस्सा लिया और मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी।

