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समस्तीपुर ने नम आंखों से दी एसडीएम दिलीप कुमार को विदाई, भावुक महिला बार-बार हुई बेहोश; नए एसडीएम राकेश कुमार का भव्य स्वागत
समस्तीपुर, 20 जुलाई 2026 | जिला संवाददाता: मोहम्मद जुबेर
समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय में सोमवार को आयोजित विदाई एवं स्वागत समारोह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जनभावनाओं का ऐसा दृश्य बन गया जिसे उपस्थित लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। निवर्तमान अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार को जहां अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भावभीनी विदाई दी, वहीं नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
अनुमंडल सभा कक्ष में आयोजित समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री दिलीप कुमार के कार्यकाल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कानून-व्यवस्था, जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन, निर्वाचन कार्य, अतिक्रमण हटाने, रेलवे ओवरब्रिज एवं विभिन्न विकास कार्यों की सतत निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके सरल, सहज, निष्पक्ष और जनहितैषी व्यवहार ने प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास की नई मिसाल कायम की।
समारोह के बाद जब श्री दिलीप कुमार स्थानांतरण के उपरांत रोहतास के लिए रवाना होने लगे, तभी एक अत्यंत भावुक दृश्य सामने आया। एक महिला, जो स्वयं को गरीब परिवार से बताती थी, एसडीएम की गाड़ी के सामने पहुंच गई और भावुक होकर रोने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह बार-बार यही कह रही थी कि “साहब हमारे जैसे गरीबों का सहारा थे, इनके जाने से हम अनाथ हो जाएंगे।”
महिला की भावुकता इतनी अधिक थी कि वह कई बार बेहोश होकर गिर पड़ी। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए श्री दिलीप कुमार स्वयं अपनी गाड़ी से उतरकर महिला के पास पहुंचे। उन्होंने उसे शांत करते हुए समझाया कि सरकारी सेवा में स्थानांतरण एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और सभी अधिकारियों को इसका पालन करना पड़ता है।
उन्होंने महिला से कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है तथा नवनियुक्त एसडीएम श्री राकेश कुमार भी एक सक्षम एवं संवेदनशील अधिकारी हैं। उन्होंने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि उसकी कोई समस्या है तो वह निर्धारित समय पर आकर अपनी बात रख सकती है और उसकी हरसंभव मदद की जाएगी। इसके बाद अन्य महिलाओं, कर्मचारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी महिला को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद श्री दिलीप कुमार अपने नए पदस्थापन स्थल के लिए रवाना हुए।
विदाई समारोह के दौरान उपस्थित अनेक कर्मचारियों की आंखें भी नम हो गईं। कई लोगों ने कहा कि श्री दिलीप कुमार का सहज स्वभाव, विनम्र व्यवहार और आम लोगों के प्रति अपनापन उन्हें हमेशा याद रहेगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं से लेकर युवाओं तक, समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।
कार्यक्रम में उर्दू अनुवादक आयशा मैडम ने अपनी भावपूर्ण पंक्तियों से पूरे वातावरण को और भी भावुक बना दिया—
“यह सफर यूं ही मोड़ बदलता है, अलविदा न कहो…
दिलों का रिश्ता कभी नहीं टूटता, अलविदा न कहो…
मिले थे हम यहां एक परिवार की तरह,
यह साथ उम्र भर रहेगा, अलविदा न कहो…
दुआओं के साथ नए सफर पर निकलिए,
मगर यह शहर और ये लोग हमेशा आपको याद रखेंगे…”
इन पंक्तियों के बाद सभा कक्ष तालियों और भावनाओं से गूंज उठा।
इसी अवसर पर नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार का अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील करते हुए बेहतर प्रशासन और जनसेवा का संकल्प दोहराया।
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री राकेश कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल प्रशासन विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा। वहीं लोगों ने श्री दिलीप कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे अपने नए दायित्व पर भी इसी समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करेंगे।
समस्तीपुर के लोगों के बीच पूरे दिन एक ही चर्चा रही कि किसी अधिकारी के प्रति आम जनता का इतना आत्मीय लगाव बहुत कम देखने को मिलता है। लोगों ने उनके जनसरोकारों और व्यवहार की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।


