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निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को मिला नेतृत्व एवं अधिकारों का प्रशिक्षण, पंचायत सशक्तिकरण पर दिया गया जोर
समस्तीपुर | हर घर की आवाज़ | जिला संवाददाता: मोहम्मद जुबैर
समस्तीपुर स्थित जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC), पंचायती राज विभाग में बुधवार (15 जुलाई 2026) को निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता वर्धन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नव-निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकार, कर्तव्य, कार्यक्षेत्र तथा पंचायत राज व्यवस्था की कानूनी एवं वित्तीय जानकारी देकर उन्हें प्रभावी नेतृत्व के लिए सशक्त बनाना था।

प्रशिक्षण में मोहनपुर, खानपुर, मोहिउद्दीननगर एवं कल्याणपुर प्रखंड की जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं महिला मुखियाओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं के अधिकार एवं कर्तव्य, 16वें वित्त आयोग की योजनाओं, ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी, त्रिस्तरीय स्थायी समितियों के गठन, शिक्षा, स्वास्थ्य, किशोर-किशोरियों के अधिकार तथा पंचायत राज व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक के रूप में श्रीमती सुलेखा चौधरी (टीएमपी नोडल), छत्रसाल सुदर्शन राउत, गंगानंद ठाकुर, शंभु कुमार चौधरी, एमडी नौशाद तथा सजल कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम की व्यवस्था एवं संचालन डीपीआरसी के डीपीएम सह-नोडल पदाधिकारी राज कुमार पासवान द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पंचायत चुनाव में निर्वाचित होकर आने वाली अनेक महिला जनप्रतिनिधियों को प्रारंभिक दौर में अपने अधिकारों, दायित्वों और कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने, योजनाओं की निगरानी करने तथा पंचायत के समग्र विकास में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाते हैं।
टीएमपी नोडल श्रीमती सुलेखा चौधरी ने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही (First Quarter) में आयोजित किया जाता है, ताकि नव-निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को समय रहते आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके तथा वे पंचायत स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि यदि पंचायत चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिले, तो स्थानीय शासन व्यवस्था और विकास कार्यों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
